अगर बंगाल के मुख्यमंत्री ने मना नहीं किया होता तो कोलकाता में होता एम्स


एम्स में फिलहाल 25 क्लिनिक और 04 सुपर स्पेशियालिटी सेंटर्स हैं, जहां तकरीबन सभी तरह के रोगों का इलाज और पढ़ाई होती है. हजारों लोगों के इलाज में इनके जरिए फायदा मिलता है. हालांकि देश में ज्यादातर रोगी यहां आकर इलाज कराना चाहते हैं लेकिन ये इतना आसान नहीं होता, यहां आने के लिए अब आनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है. हां, यहां बर्न, कुत्ते से काटने और संक्रामक रोगों का इलाज नहीं होता. एम्स का अब दिल्ली के लगे दूसरे शहरों और कस्बों में विस्तार भी किया गया है, जैसे झज्जर, गाजियाबाद और वल्लभगढ़. यही नहीं सरकार देश के कई हिस्सों में एम्स की तर्ज पर संस्थान बना रही है.



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