फिर सिर उठा रहा कोरोना, केंद्र ने इन 5 राज्यों को वैक्सीनेशन तेज करने को कहा

फिर सिर उठा रहा कोरोना, केंद्र ने इन 5 राज्यों को वैक्सीनेशन तेज करने को कहा


स्वास्थ्य मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार को लिखे एक पत्र में कहा है कि इंदौर, भोपाल और बैतूल जिले में कोरोना का संक्रमण दर बढ़ा है. फाइल फोटो

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार को लिखे एक पत्र में कहा है कि इंदौर, भोपाल और बैतूल जिले में कोरोना का संक्रमण दर बढ़ा है. फाइल फोटो

Coronavirus Vaccination: स्वास्थ्य मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी मनोहर अग्नानी ने कहा कि पिछले कुछ समय में पुणे, नागपुर, मुंबई, अमरावती, ठाणे और अकोला में कोरोना का संक्रमण दर बढ़ा है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    February 23, 2021, 11:53 PM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, जम्मू और कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को कोविड-19 वैक्सीनेशन में तेजी लाने को कहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने आज कहा कि इन राज्यों के फ्रंटलाइन वर्करों को जल्दी से कोरोना वैक्सीन दी जानी चाहिए.

मंत्रालय ने कहा कि कुछ जिलों में कोरोना की संक्रमण दर बढ़ने के कारण फ्रंटलाइन वर्करों में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन दी जानी चाहिए. बता दें कि भारत में अबतक 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन दी जा चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी मनोहर अग्नानी ने कहा कि पिछले कुछ समय में पुणे, नागपुर, मुंबई, अमरावती, ठाणे और अकोला में कोरोना का संक्रमण दर बढ़ा है.

इसी तरह स्वास्थ्य मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार को लिखे एक पत्र में कहा है कि इंदौर, भोपाल और बैतूल जिले में कोरोना का संक्रमण दर बढ़ा है. अग्नानी ने कहा कि पंजाब में भी कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं तीन जिले, एसबीएस नगर, कपूरथला और श्री मुक्तसर साहिब में कोविड-19 के मामले बढ़े हैं. इसी तरह जम्मू और कश्मीर के पुलवामा जिले और छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में भी कोरोना के मामले बढ़े हैं.

पांचों राज्यों को केंद्र द्वारा जारी पत्र में सलाह दी गई है कि प्रभावित जिलों में हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को जल्द से जल्द कोविड-19 की वैक्सीन दी जाए ताकि उनमें इन्युनिटी बने.

पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकारें जिला प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने को कहे.






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