सज्जाद लोन बोले-‘आजादी’ की मांग नहीं की, जम्मू-कश्मीर का नया गठबंधन केंद्र से बातचीत को तैयार

सज्जाद लोन बोले-‘आजादी’ की मांग नहीं की, जम्मू-कश्मीर का नया गठबंधन केंद्र से बातचीत को तैयार


श्रीनगर. केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से जम्‍मू कश्‍मीर (Jammu Kashmir) से अगस्‍त 2019 में अनुच्‍छेद 370 (Article-370) हटाने की घोषणा के बाद सैकड़ों राजनीतिक नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. 31 जुलाई को रिहा होने के बाद राज्‍य के पूर्व मंत्री सज्‍जाद लोन (Sajjad Lone) ने News18 India को दिए अपने पहले इंटरव्‍यू में कहा कि कश्‍मीर में बने नए गठबंधन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बात करने में कोई दिक्‍कत नहीं है अगर उनकी बात जमीनी हकीकत के आधार पर सुनी जाए.

क्‍या नया गठबंधन पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) के साथ जुड़ना चाहेगा? न्‍यूज 18 के संबंधित सवाल पर लोन ने कहा, ‘हमारे पास देश के उच्च कार्यालयों के लिए अवमानना ​​नहीं है. हम उनका पूरा सम्‍मान करते हैं. बात करने में कोई दिक्‍कत नहीं होनी चाहिए. लेकिन विनम्र तरीके से हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जम्‍मू कश्‍मीर के लोगों की गरिमा के साथ कोई समझौता न हो. मुझे लगता है कि केंद्र को लोगों से बात करनी चाहिए क्‍योंकि लोगों के अधिकारों को छीन लिया गया है.’

सज्‍जाद लोन ने 5 अगस्‍त 2019 का हवाला देकर कहा, ‘उन्‍होंने यह निर्णय लिया है और उन्‍हें इसमें सम्मिलित होना चाहिए. उन्‍हें लोगों से बात करनी चाहिए कि इतना गुस्‍सा और कड़वाहट क्‍यों है. गेंद तो उनकी कोर्ट में है.’

जल्‍द ही एजेंडा तय करेगा पीपुल्‍स अलायंस फॉर गुपकार डिक्‍लेरेशनपीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष को नए गठबंधन का एक वास्तुकार माना जाता है जिसे बुधवार को अनुभवी राजनेता फारूक अब्दुल्ला ने लॉन्च किया था. जम्मू और कश्मीर के लोगों को नौकरी, शिक्षा और भूमि पर विशेष अधिकार देने वाले विवादास्पद अनुच्छेद-370 को लेकर पिछले साल छीन ली गई विशेष संवैधानिक स्थिति की बहाली के लिए छह मुख्यधारा की पार्टियां एकजुट हो गई हैं. इस नए गठबंधन को पीपुल्‍स अलायंस फॉर गुपकार डिक्‍लेरेशन का नाम दिया गया है. यह गठबंधन जल्‍द ही प्रभावी रूप से कामकाज के लिए भूमिकाएं और एजेंडा तय करेगा.

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सज्‍जाद लोन ने कहा, ‘हमारा उद्देश्‍य है कि जबरन, गैरकानूनी और असंवैधानिक रूप से हमसे जो कुछ भी लिया गया था, उसे वापस दे दिया जाए. हम आजादी की मांग नहीं कर रहे हैं… हम जो भी मांग कर रहे हैं वह संविधान के अनुरूप ही है. हमनें 5 अगस्‍त 2019 से पहले भी यही बात कही थी और अब भी यही बात कर रहे हैं. हमारी बात में कोई बदलाव नहीं है.’

फारूक अब्दुल्ला ने की थी नए गठबंधन की घोषणा
अभी दो दिन पहले ही जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के आवास पर गुपकर घोषणा की बैठक हुई. बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘हमने इस गठबंधन को गुपकर घोषणा के लिए पीपुल्स अलायंस नाम दिया है. हमारी लड़ाई एक संवैधानिक लड़ाई है, हम चाहते हैं कि भारत की सरकार राज्य के लोगों को उन अधिकारों को लौटाए जो वे 5 अगस्त 2019 से पहले उनके पास थे.’

फारूक अब्दुल्ला ने कहा था, ‘हमने इस गठबंधन को पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन का नाम दिया है. हमारी मांग हैं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को वो सारे अधिकार दिए जाएं जो हमसे छीने गए हैं. भारत सरकार राज्य के लोगों के उन अधिकारों को लौटाए जो उन्हें 5 अगस्त 2019 से पहले मिलते थे. इस बैठक में हाल ही में रिहा हुई पीपुल्ड डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी मौजूद रहीं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में ‘गुपकर घोषणा’ पर भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए अपने आवास पर ये बैठक बुलाई थी.





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