Defense Deal Corruption Case: Cbi Demands Imprisonment For 7 Years For Jaya Jaitley, Sentence To Be Announced Tomorrow – रक्षा सौदा भ्रष्टाचार मामला: सीबीआई ने जया जेटली के लिए 7 साल कैद की मांग की, कल सजा का एलान

Defense Deal Corruption Case: Cbi Demands Imprisonment For 7 Years For Jaya Jaitley, Sentence To Be Announced Tomorrow – रक्षा सौदा भ्रष्टाचार मामला: सीबीआई ने जया जेटली के लिए 7 साल कैद की मांग की, कल सजा का एलान


अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Wed, 29 Jul 2020 09:12 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

20 साल पुराने रक्षा सौदा भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली और उनके दो अन्य सहयोगियों के लिए सीबीआई ने सात साल की कैद की मांग की है। बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोषियों की सजा को लेकर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला बृहस्पतिवार के लिए सुरक्षित रख लिया।

विशेष सीबीआई जज वीरेंदर भट के समक्ष सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि दोषियों को अधिक से अधिक सजा देनी चाहिए, क्योंकि उनके द्वारा किए गए अपराध प्रकृति भी बेहद गंभीर है। सीबीआई ने कहा कि तहलका न्यूज पोर्टल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद इस मामले में आरोपियों की भूमिका खुलेतौर पर सबके सामने आई।

सीबीआई ने मांग की कि जया जेटली और उनकी ही पार्टी के पूर्व सहयोगी गोपाल पचेरलवाल व मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एसपी मुरगई की सजा को लेकर कोई नरमी ना बरती जाए। इससे पहले 25 जुलाई को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जया जेटली और अन्य दोनों आरोपियों को भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया था।

वहीं जया जेटली की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से अपील की उनकी मुवक्किल की उम्र बहुत ज्यादा है, लिहाजा उनकी उम्र को देखते हुए सजा सुनाने में नरमी बरती जाए।

इस मामले में न्यूज पोर्टल तहलका ने जनवरी 2001 में ‘ऑपरेशन वेस्टएंड’ नामक स्टिंग किया था। इसमें काल्पनिक कंपनी बनाकर सेना के लिए हाथ से संचालित होने वाले थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति ऑर्डर के लिए दोषियों को रिश्वत लेते दिखाया गया था। जया जेटली ने तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीज के आधिकारिक आवास पर काल्पनिक कंपनी का प्रतिनिधि बनकर आए मैथ्यू सैम्युअल से 2 लाख रुपये की रिश्वत ली थी, जबकि मुरगई ने 20 हजार रुपए लिए थे। एक अन्य आरोपी सुरेंदर कुमार सुरेखा बाद में इस मामले की गवाह बन गई थीं।

इस मामले का खुलासा होने के बाद रक्षा मंत्री फर्नांडीज को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था। इस मामले में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण का भी नाम सामने आया था लेकिन उन्हें बाद में क्लीन चिट दे दी गई थी।
 

20 साल पुराने रक्षा सौदा भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली और उनके दो अन्य सहयोगियों के लिए सीबीआई ने सात साल की कैद की मांग की है। बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोषियों की सजा को लेकर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला बृहस्पतिवार के लिए सुरक्षित रख लिया।

विशेष सीबीआई जज वीरेंदर भट के समक्ष सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि दोषियों को अधिक से अधिक सजा देनी चाहिए, क्योंकि उनके द्वारा किए गए अपराध प्रकृति भी बेहद गंभीर है। सीबीआई ने कहा कि तहलका न्यूज पोर्टल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद इस मामले में आरोपियों की भूमिका खुलेतौर पर सबके सामने आई।

सीबीआई ने मांग की कि जया जेटली और उनकी ही पार्टी के पूर्व सहयोगी गोपाल पचेरलवाल व मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एसपी मुरगई की सजा को लेकर कोई नरमी ना बरती जाए। इससे पहले 25 जुलाई को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जया जेटली और अन्य दोनों आरोपियों को भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया था।

वहीं जया जेटली की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से अपील की उनकी मुवक्किल की उम्र बहुत ज्यादा है, लिहाजा उनकी उम्र को देखते हुए सजा सुनाने में नरमी बरती जाए।

इस मामले में न्यूज पोर्टल तहलका ने जनवरी 2001 में ‘ऑपरेशन वेस्टएंड’ नामक स्टिंग किया था। इसमें काल्पनिक कंपनी बनाकर सेना के लिए हाथ से संचालित होने वाले थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति ऑर्डर के लिए दोषियों को रिश्वत लेते दिखाया गया था। जया जेटली ने तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीज के आधिकारिक आवास पर काल्पनिक कंपनी का प्रतिनिधि बनकर आए मैथ्यू सैम्युअल से 2 लाख रुपये की रिश्वत ली थी, जबकि मुरगई ने 20 हजार रुपए लिए थे। एक अन्य आरोपी सुरेंदर कुमार सुरेखा बाद में इस मामले की गवाह बन गई थीं।

इस मामले का खुलासा होने के बाद रक्षा मंत्री फर्नांडीज को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था। इस मामले में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण का भी नाम सामने आया था लेकिन उन्हें बाद में क्लीन चिट दे दी गई थी।
 



Source link

%d bloggers like this: