Hathras Case: आरोपियों की चिट्ठी पर जावेद अख्तर बोले- ‘कोई बेवकूफ ही इस पर भरोसा करेगा’ | hathras – News in Hindi

Hathras Case: आरोपियों की चिट्ठी पर जावेद अख्तर बोले- ‘कोई बेवकूफ ही इस पर भरोसा करेगा’ | hathras – News in Hindi


Hathras Case: आरोपियों की चिट्ठी पर जावेद अख्तर बोले- 'कोई बेवकूफ ही इस पर भरोसा करेगा'

जावेद अख्तर (Photo [email protected]/Instagram)

हाथरस (Hathras) के कथित गैंगरेप मामले में सात अक्टूबर की तिथि वाले पत्र पर मामले के चारों आरोपियों संदीप, लवकुश, रवि और रामू उर्फ रामकुमार के अंगूठे के निशान के साथ-साथ नाम भी लिखे हुये हैं.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 9, 2020, 11:57 AM IST

मुंबई/हाथरस. उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras News)में कथित गैंगरेप के मामले ने देश भर में लोगों को हैरानी में डाल दिया है. पहले कथित गैंगरेप फिर अड़ियल प्रशासनिक कार्रवाई और अब उसमें दंगे की सरकारी थ्योरी हर दिन मामले में नया मोड़ ला रही है. अब इस मामले में मुख्य आरोपी संदीप ने चिट्ठी के जरिए पीड़िता के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपियों की चिट्ठी पर लेखक और शायर जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने ट्वीट किया है.

चार आरोपियों ने हाथरस के पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखा है और दावा किया है कि वे निर्दोष हैं और उन्हें मामले में झूठे ही फंसाया गया है. अलीगढ़ जिला जेल से लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. चारों आरोपी अलीगढ़ जिला जेल में ही बंद हैं. पत्र में मुख्य आरोपी संदीप ने यह भी दावा किया है कि उसकी कथित गैंगरेप पीड़िता से दोस्ती थी जिसके कारण उसकी मां और भाई ने उसे मारा-पीटा था जिससे उसे गंभीर चोटें आई थी और उसी के चलते उसकी बाद में  हो गयी थी. हाथरस के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की.

मुख्य आरोपी की चिट्ठी पर लेखक और शायर जावेद अख्तर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि ‘हाथरस का आरोपी अब दावा कर रहा है कि लड़की को उसके ही मां और भाई ने तड़पा-तड़पा कर मारा था. वह कैसे जानता है कि क्या वह उन्हें मारता हुआ देख रहा था? यदि उसने ऐसा नहीं किया तो उसने पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी? बेवकूफ भी इस दावे पर भरोसा कर सकते हैं.’

आरोपियों का दावा – हम हैं बेगुनाह
गौरतलब है कि पत्र में कहा गया है कि महिला और मुख्य आरोपी एक ही गांव के रहने वाले थे, उनमें दोस्ती थी और उनकी मुलाकात के साथ ही फोन पर अक्सर बात होती थी. हालांकि लड़की का परिवार उनकी दोस्ती के खिलाफ था. संदीप ने पत्र में लिखा है कि कथित घटना वाले दिन वह लड़की से मिला था लेकिन वहीं पर मौजूद लड़की की मां और भाई ने उसे वहां से चले जाने को कहा और वह वहां से तत्काल अपने घर चला गया था.

मुख्य आरोपी ने पत्र में लिखा है कि उसे बाद में ग्रामीणों से ही पता चला कि लड़की की मां और भाई ने उनकी दोस्ती को लेकर काफी पिटायी की जिसमें लड़की को गंभीर चोटें आयी जिसके चलते उसकी मौत हो गई. मुख्य आरोपी ने यह भी कहा कि उसने लड़की की कभी पिटायी नहीं की और न ही उसके साथ कुछ गलत किया तथा लड़की की मां और भाई ने उसे और तीन अन्य को फंसाया और जेल भिजवाया. संदीप ने लिखा है कि उसके रिश्तेदारों रवि और रामू सहित तीन अन्य आरोपी इस ‘झूठे’ मामले में अलग-अलग दिन जेल भेजे गए.

आरोपियों ने बेगुनाह होने का दावा करते हुए पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कराने और उन्हें न्याय सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है. उन्नीस वर्षीय कथित सामूहिक बलात्कार पीड़िता की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी.





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